सनातन की जड़ों पर चोट या बदलते समय की आहट? गाँव की चौपाल से उठता एक सवाल

बदलते समय के बीच सनातन संस्कृति और परंपराओं को लेकर उठते सवालों पर यह विचार लेख सुधार और अपनी जड़ों से दूरी के बीच अंतर को रेखांकित करता है। आधुनिकता को अपनाते हुए अपनी संस्कृति, परिवार, संस्कार और अगली पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़कर रखने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

‘तीसरी दुनिया के अनुष्ठान नहीं चाहिए’: अमेरिकी प्रतिनिधि ब्रैंडन गिल के छठ पूजा व्यंग्य ने ऑनलाइन रोष फैलाया

अमेरिकी राजनेता ब्रैंडन गिल एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं, जब उन्होंने टेक्सास में छठ पूजा समारोह के एक वीडियो […]