अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कोंढवा खुर्द में एक लोकप्रिय कैफे का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है और निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में एक्सपायर हो चुके दूध और अन्य खाद्य उत्पादों को संग्रहीत पाए जाने के बाद इसे तत्काल बंद करने का आदेश दिया है।

एक शिकायत के बाद कोंढवा के सालुंके विहार रोड पर एक कैफे के खिलाफ कार्रवाई की गई। एफडीए अधिकारियों ने राज्यव्यापी ‘सुरक्षित भोजन, सुरक्षित दवा, सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान के हिस्से के रूप में 9 जुलाई को प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा और मानक नियमों के तहत स्वच्छता मानकों और अन्य अनिवार्य आवश्यकताओं का उल्लंघन पाया। एफडीए अधिकारियों ने कहा कि भोजनालय में कई ब्रांडों के एक्सपायर्ड दूध उत्पादों के साथ-साथ उनकी समाप्ति तिथि से परे अन्य खाद्य पदार्थ भी पाए गए।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरे का हवाला देते हुए, एफडीए ने प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और कैफे को बंद रखने का आदेश दिया।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देशों के बाद एफडीए ने पुणे डिवीजन में होटलों और रेस्तरांओं का निरीक्षण तेज कर दिया है।
एफडीए पुणे डिवीजन के संयुक्त आयुक्त (खाद्य) डीवी भोगावड़े ने कहा, “स्वच्छता मानदंडों और खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले होटलों और रेस्तरां के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों को मुफ्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना होगा, खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करना होगा, खाना पकाने के तेल के पुन: उपयोग से बचना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि मेनू कार्ड पर भ्रामक जानकारी प्रदर्शित न हो।”
उन्होंने कहा कि खाद्य व्यवसायों को वैध लाइसेंस के साथ काम करना चाहिए और सभी खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। नागरिकों से भोजन की गुणवत्ता या स्वच्छता से संबंधित शिकायतों को एफडीए की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-222-365 पर रिपोर्ट करने का आग्रह किया गया है।
भोगावड़े ने चेतावनी दी कि निरीक्षण जारी रहेगा और खाद्य सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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