कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए दान के कथित गबन को “भारत में किसी मंदिर की अब तक की सबसे बड़ी लूट” करार दिया और सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।

वेणुगोपाल ने यहां गुरुवयूर मंदिर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर आगामी संसद सत्र में पीएम से जवाब मांगेगी।
उन्होंने कहा, “हम इस मुद्दे को देश भर में उठा रहे हैं और उठाते रहेंगे। इस लूट ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रभावित किया है। लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस पर चुप हैं। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की एक एसआईटी गठित की गई है और इसके पीछे की मंशा वास्तविक दोषियों को बचाने की है।”
उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से ही लूट के पीछे के वास्तविक दोषियों का पता चल सकेगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि वीएचपी और आरएसएस जैसे संघ परिवार के संगठनों ने मंदिर के नाम पर पिछले 20-25 वर्षों से भक्तों से दान लिया है और यह वह पैसा और सोना है जिसे लूटा गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की जानकारी में किया गया था जिन्हें पीएम की देखरेख में नियुक्त किया गया था।
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस “वास्तव में आस्तिक नहीं” हैं।
उन्होंने तर्क दिया, “वे केवल हिंदुओं के नाम पर लूटने और वोटों के लिए लोगों को बांटने में रुचि रखते हैं। यह सिर्फ लूट नहीं है, बल्कि भक्तों की आस्था पर हमला है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह कांग्रेस के लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, भाजपा और आरएसएस के विपरीत, जिन्होंने “अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भगवान का इस्तेमाल किया”।
वेणुगोपाल ने यह भी सवाल किया कि केरल में भाजपा चुप क्यों है और दावा किया कि इससे संकेत मिलता है कि वे वास्तविक दोषियों को बचाना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के संबंध में भी लूट के ऐसे ही आरोप सामने आ रहे हैं।




