वैशाख अमावस्या 2026: अमावस्या कब है? जानिए तिथि, शुभ समय, महत्व और अनुष्ठान

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वैशाख अमावस्या 2026: वैशाख अमावस्या का शुभ त्योहार हिंदुओं द्वारा प्रतिवर्ष मनाया जाता है। पितृ पापों को दूर करने, तर्पण और अनुष्ठान करने के लिए यह सबसे अच्छा दिन माना जाता है। आइए जानें वैशाख अमावस्या कब है और इस दिन स्नान और दान का शुभ समय क्या है।

वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है, विशेषकर पितृ अनुष्ठानों, शुद्धिकरण और दान के लिए। (अनप्लैश)
वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है, विशेषकर पितृ अनुष्ठानों, शुद्धिकरण और दान के लिए। (अनप्लैश)

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वैशाख अमावस्या 2026: त्योहार कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल, शुक्रवार को है। इसे कृष्ण अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

वैशाख अमावस्या 2026: शुभ समय

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 16 अप्रैल को रात 8:11 बजे शुरू हुई। यह 17 अप्रैल को शाम 5:21 बजे समाप्त होगी। इस दिन सुबह का समय सबसे पवित्र माना जाता है। यहां कुछ महत्वपूर्ण समय दिए गए हैं जिन्हें आपको जानना चाहिए:

सूर्योदय- प्रातः 5:54 बजे

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:25 से 5:09 बजे तक, पूजा और स्नान के लिए

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक

राहु कालम् – प्रातः 10:44 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक

गुलिकाई कलाम – सुबह 7:31 से 9:07 बजे तक

यमगंडा- दोपहर 3:34 बजे से शाम 5:11 बजे तक

दुर्मुहूर्त – सुबह 8:29 से 9:20 तक

दुर्मुहूर्त – दोपहर 12:47 से 1:38 बजे तक

अमृत ​​कलाम- सुबह 9:50 से 11:18 बजे तक

अमृत ​​काल – प्रातः 3:12, अप्रैल 18 से प्रातः 4:39, अप्रैल 18 तक

वैशाख अमावस्या 2026: महत्व और अनुष्ठान

अमावस्या हिंदू कैलेंडर में अमावस्या का दिन है। यह एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि कई अनुष्ठान केवल अमावस्या तिथि पर ही किये जाते हैं। पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध अनुष्ठान करने और कालसर्प दोष पूजा करने के लिए सभी अमावस्या के दिन उपयुक्त हैं। वैशाख अमावस्या के दौरान पूजा-पाठ और दान-पुण्य फलदायी माना जाता है।

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और नए कपड़े पहनने चाहिए। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में भी स्नान करना चाहिए या नहाने के पानी में गंगाजल मिला लेना चाहिए। स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। इस दिन पितरों को तर्पण देना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके अलावा वैशाख अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन और कपड़े का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। साथ ही इस दिन कोई भी नया काम शुरू करने या कोई बड़ी खरीदारी करने से बचना चाहिए।

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