नई दिल्ली46 मिनट पहले
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2025 में 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की 1800 से अधिक उड़ानें उड़ान भरने वाली थीं।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइन कंपनी इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का खर्च उठाया है। यह प्रतिबंधात्मक वायुयान निर्माण नियम, 1937 के नियम 133ए के तहत लागू है।
इसके तहत एकमुश्त जुर्माना 1.80 करोड़ है। इसके अलावा FDTL का 68 दिन तक रखरखाव नहीं करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख का अनुमान लगाया गया, जो कि ₹20.40 करोड़ होता है।
डीजीसीए ने यह एक्शन 3 से 5 दिसंबर, 2025 के बीच इंडिगो की 2507 फ्लाइट के कैंसिल और 1852 फ्लाइट के ऑपरेशन में देरी की है। इस कारण 3 लाख से अधिक यात्रियों को परेशानी हुई।
नागरिक उड्डियान मंत्रालय (एमओसीए) के निर्देश पर डीजीसीए ने इस मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति का गठन किया था।
समिति इंडिगो के नेटवर्क पीआरओ, क्रू रजिस्ट्री और इंडिगो के इस्तेमाल के लिए सॉफ्टवेयर सिस्टम की विस्तृत जांच और अध्ययन कर रही है। साथ ही बयान भी दर्ज किया।

इंडिगो की ग़लतियाँ
समिति का कहना है, इंडिगो इलेक्ट्रॉनिक्स ने ऑपरेशन में देरी या संकट की स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस तैयारी नहीं की थी। साथ ही बदले गए फ्लाइट फ्लाइट टाइम लिम आर्किटेक्चर (एफडीटीएल) को भी सही तरीके से लागू नहीं किया गया। इसी कारण से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर दी गईं और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
जांच में यह भी सामने आया कि एयरलाइन ने क्रू, विमान और नेटवर्क के अधिकांश उपयोग पर जोर दिया। इससे क्रू रोस्टर में अतिरिक्त सुविधाएं बहुत कम रह गईं। डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, लॉन्ग ड्यूटी और कम आरामदायक समय जैसे स्मार्टफोन ने फ्लाइट ऑपरेशन को धीरे-धीरे बनाया।
डीजीसीए के अधिकारियों की कार्रवाई
- इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। सीईओ को फ्लाइट ऑपरेशन और क्राइसिस में कमी पर विचार किया गया।
- इनेबल एनालिस्ट मैनेजर (सीओओ) को अपार्टमेंट शीट 2025 और डिजिटल एफडीटीएल डिजाइन के प्रभाव का सही आकलन न करने की चेतावनी दी गई।
- सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल पद से हटाने और भविष्य के लिए किसी भी व्यक्तिगत पैनल पद पर नियुक्ति न करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डिप्टी हेड-फ़्लाइट ऑरेशंस, एवीपी-क्रू रिज़र्स एम्प्लॉइज और डायरेक्टर-फ़्लाइट ऑरेशंस को भी ऑपरेशनल और मैनपावर एम्प्लॉइज में खराबी के बारे में चेतावनी दी गई।

समिति जल्द स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी
डीजीसीए ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि वह सामग्री जांच में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई करे और स्टेटस जल्द से जल्द जारी करे।
डीजीसीए ने साफ किया कि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
एयरलाइन को सही और व्यावहारिक तरीकों से उड़ान संचालन, पुराने तरीके से पूरी तैयारी, बेहतर और जिम्मेदार प्रबंधन तय करना होगा।
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1 जनवरी: सरकार ने एयरलाइंस से दिसंबर में लोनी लाबीला पूछा
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