लखनऊ के प्रतिष्ठित PGI संस्थान में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर दो महीने तक न्याय के लिए सिस्टम से लड़ती रही, लेकिन उसे इंसाफ के बदले केवल तारीखें और धमकियां मिलीं। आरोपी रेजिडेंट द्वारा शारीरिक शोषण, मारपीट और जातिसूचक गालियों से तंग आकर पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास तक किया, फिर भी पुलिस और विशाखा कमेटी मौन रही। जानिए कैसे एक डॉक्टर को रसूख और पुलिसिया लापरवाही ने नशे और अवसाद की गर्त में धकेल दिया, और 60 दिनों की जद्दोजहद के बाद आखिर कैसे दर्ज हुई FIR।
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पार्किंग विवाद पर बुजुर्ग दुकानदार को थप्पड़ मारने के आरोप में दिल्ली पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर| भारत समाचार
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की एक महिला उप-निरीक्षक के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जब उसने कथित तौर पर 78 वर्षीय […]
गुरुग्राम में महिला से लूटपाट के आरोप में ऑटो-रिक्शा चालक गिरफ्तार| भारत समाचार
पुलिस ने कहा कि गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में काम करने वाली 54 वर्षीय महिला से मंगलवार तड़के एक ऑटो-रिक्शा के चालक ने कथित […]
लव स्टोरी या हनी ट्रैप? वंशित की मौत के बाद सृष्टि चौधरी ने गायब होकर बढ़ाए सवाल
लखनऊ में रेलवे कर्मचारी वंशित काण्डा (23) की संदिग्ध आत्महत्या मामले में हनी ट्रैप एंगल तेजी से उभर रहा है। परिजनों ने उसकी प्रेमिका सृष्टि चौधरी और उसकी मां पर वंशित को प्रेमजाल में फँसाकर आर्थिक-मानसिक शोषण करने, घर बेचने का दबाव डालने और धमकाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन सृष्टि और उसकी मां फिलहाल फरार हैं। वंशित के मोबाइल से मिले चैट, रिकॉर्डिंग और डिजिटल साक्ष्य की साइबर सेल जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।