आजमगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को अंतरराज्यीय जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़ कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बरामद किये नकली नोट ₹आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये, नकली प्रिंटिंग उपकरण, एक लैपटॉप, प्रिंटर, कार और 7 मोबाइल फोन।
आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय नितिन सिंह, 22 वर्षीय ऋषिकेष सिंह, 22 वर्षीय अभिषेक सिंह, 28 वर्षीय आदित्य सिंह उर्फ चंकी, 22 वर्षीय शिवम सिंह उर्फ विदुर, 27 वर्षीय मुन्ना पांडे, 27 वर्षीय मनोज कुमार और 19 वर्षीय रुद्र पांडे के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि थाना प्रभारी रौनापार निरीक्षक मंतोष सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम अपनी टीम के साथ बेलकुंडा बाजार में चेकिंग कर रही थी, तभी सूचना मिली कि टेकनापुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग नकली नोटों का कारोबार कर रहे हैं.
पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं और उन्होंने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना आजमगढ़ के रौनापुर क्षेत्र का रहने वाला मनीष मिश्रा है. उनके निर्देशन में सभी सदस्य ए-4 साइज के कागज पर नकली नोट छापने के लिए लैपटॉप और प्रिंटर का इस्तेमाल करते थे। मुद्रित नकली नोटों को असली नोटों जैसा दिखने के लिए पेपर कटर का उपयोग करके काटा जाता था।
आरोपी नकली नोटों को बाजारों, दुकानों और लेन-देन के दौरान असली नोटों के बंडलों के बीच रखकर चला देते थे, ताकि आम आदमी उन्हें आसानी से पहचान न सके।
जैन ने बताया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने बताया कि धारा 178/179/180/181 बीएनएस थाना रौनापार जिला आजमगढ़ के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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