डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच से शोध कार्य को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में पहल, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को रिमोट एक्सेस की भी दी गई जानकारी
लखनऊ, 2 सितंबर 2026। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक शैक्षणिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग से परिचित कराने के उद्देश्य से ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय ‘How to Use BBAU e-Library via Knimbus Discovery Tool’ रहा। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के दिशा-निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुनील गोरिया तथा सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. ओ.पी. सैनी की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में कनिष्का जिंदल, सपोर्ट टीम मैनेजर, निम्बस ने प्रतिभागियों को निम्बस डिस्कवरी टूल और विश्वविद्यालय की ई-लाइब्रेरी के प्रभावी उपयोग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

एकीकृत प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे विभिन्न डिजिटल शैक्षणिक संसाधन
प्रशिक्षण के दौरान कनिष्का जिंदल ने बताया कि निम्बस डिस्कवरी टूल एक यूनिफाइड सर्च प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा सब्सक्राइब किए गए और ओपन-एक्सेस इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों को एक ही प्लेटफॉर्म पर आसानी से खोजा और उपयोग किया जा सकता है। यह सुविधा विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि उन्हें विभिन्न स्रोतों पर अलग-अलग खोज करने के बजाय एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवश्यक शैक्षणिक सामग्री तलाशने की सुविधा मिलती है।
उन्होंने बताया कि निम्बस के माध्यम से विभिन्न शोध पत्रिकाओं, ई-बुक्स, डेटाबेस, थीसिस तथा अन्य शैक्षणिक एवं शोध संबंधी संसाधनों तक सुविधाजनक तरीके से पहुंच बनाई जा सकती है। इससे शोध कार्य के लिए आवश्यक सामग्री को व्यवस्थित तरीके से खोजने और उसका उपयोग करने में सहायता मिलती है।
मोबाइल और अन्य उपकरणों से भी ई-संसाधनों तक पहुंच
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को डिजिटल लाइब्रेरी के रिमोट एक्सेस की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि डिजिटल लाइब्रेरी संसाधनों का उपयोग केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं है। रिमोट एक्सेस की सुविधा के माध्यम से विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक मोबाइल सहित अन्य उपकरणों से भी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच बना सकते हैं।
इस सुविधा से शोधार्थियों एवं शिक्षकों को अपने शोध कार्य के लिए जरूरी सामग्री को कहीं से भी खोजने और पढ़ने में सुविधा मिलती है। डिजिटल संसाधनों की यह उपलब्धता शोध और अकादमिक गतिविधियों को अधिक सुविधाजनक तथा प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

एक ही सर्च इंटरफेस से शोध सामग्री खोजने का प्रशिक्षण
ऑनलाइन प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एक ही सर्च इंटरफेस के माध्यम से विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक संसाधनों को खोजने की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसके साथ ही संबंधित शोध सामग्री तक पहुंच बनाने, उपलब्ध डेटाबेस और ई-संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा शोध कार्य को अधिक व्यवस्थित और उत्पादक बनाने के तरीकों को भी समझाया गया।
प्रशिक्षण में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सही डिजिटल संसाधनों की पहचान और उनका प्रभावी उपयोग शोध कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ समय की बचत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतिभागियों को निम्बस डिस्कवरी टूल के व्यावहारिक उपयोग से भी परिचित कराया गया, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकें।
इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने ई-लाइब्रेरी, डिजिटल संसाधनों की खोज, डेटाबेस के उपयोग, रिमोट एक्सेस तथा शोध सामग्री तक पहुंच से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे।
मुख्य वक्ता कनिष्का जिंदल ने प्रतिभागियों के सवालों के विस्तारपूर्वक उत्तर दिए और डिजिटल संसाधनों के उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया। प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को ई-लाइब्रेरी और निम्बस डिस्कवरी टूल के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर मिला।
शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर
गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय को उपलब्ध ई-संसाधनों के अधिकतम और प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटल माध्यमों के जरिए विश्वविद्यालय में शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में पहल की गई।
कार्यक्रम में यह समझाया गया कि निम्बस डिस्कवरी टूल की सहायता से विभिन्न स्रोतों पर अलग-अलग खोज करने के बजाय एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवश्यक शैक्षणिक एवं शोध सामग्री को अधिक सरल और सुविधाजनक तरीके से प्राप्त किया जा सकता है। इससे शोधार्थियों और शिक्षकों को अपने शोध कार्य के लिए जरूरी संसाधनों तक पहुंच बनाने में सहूलियत होगी।
ऑनलाइन आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय समुदाय को डिजिटल लाइब्रेरी संसाधनों के बेहतर उपयोग और शोध कार्य में तकनीकी माध्यमों की भूमिका को समझने का अवसर प्रदान किया।




