लखनऊ, 17 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर के 20 राज्यों में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों एवं अन्य रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के पुनर्विकसित ऐशबाग जंक्शन रेलवे स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया। ऐशबाग स्टेशन पर आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल एवं मुकेश शर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा बिष्ट यादव, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिवेदी, मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने अतिथियों का पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत करते हुए की। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 24.13 करोड़ रुपये की लागत से ऐशबाग जंक्शन का व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे के बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की विशेषताओं की भी जानकारी दी तथा निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्काउट एवं गाइड के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लघु नाटिका प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया, जबकि अंत में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरिजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

पुनर्विकसित ऐशबाग जंक्शन पर आधुनिक वेटिंग हॉल, शिशु आहार कक्ष, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, ब्रेल मैप, रैम्प, व्हीलचेयर, आधुनिक प्रसाधन, 5,500 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र, 4,300 वर्गमीटर का हरित सर्कुलेटिंग एरिया, एलईडी साइनेज, 26 नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, पे एंड यूज टॉयलेट, आकर्षक फसाड, सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। वर्तमान में स्टेशन पर एक फुट ओवरब्रिज तथा प्लेटफॉर्म 1 और 6 पर लिफ्ट संचालित हैं। सितंबर 2026 से 6 मीटर चौड़े नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होगा, जिसके बाद सभी प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट और दोनों छोरों पर एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध होगी। समारोह में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, पूर्व सैनिक, रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य, स्थानीय नागरिक, रेल यात्री और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।





