उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि खुशी और उत्साह के त्योहार सुरक्षा और शांति के माहौल में ही सच्ची भावना से मनाए जा सकते हैं।

गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक होली समारोह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि होली सामाजिक सद्भाव, उत्साह और सामूहिक खुशी का प्रतीक है।
उन्होंने मंदिर परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, “उत्साह और खुशी के त्योहार तभी उत्सव का रूप धारण करते हैं जब समाज में शांति, सुरक्षा की भावना और आपसी विश्वास हो। उत्तर प्रदेश और पूरा देश आज इसी विश्वास की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।”
आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की समृद्ध परंपरा और देश के पूर्वजों ने हजारों वर्षों से होली की विरासत को संरक्षित किया है और इसे सद्भाव की भावना से आगे बढ़ाया है, जिसे वर्तमान पीढ़ी भी उतने ही उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग उत्सव में भाग ले रहे हैं, आनंद का अनुभव कर रहे हैं और किसी भी मतभेद को समाप्त करने और सामंजस्यपूर्ण सामाजिक व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में सभी होलिका दहन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
उन्होंने कहा, ”राज्य में 1.61 लाख से अधिक स्थानों पर शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण तरीके से होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किये गये।”
होलिका दहन को भगवान विष्णु के नरसिम्हा अवतार को याद करने का अवसर बताते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्य अवतार समाज को अव्यवस्था और अशांति पर अंकुश लगाने, अच्छी ताकतों की रक्षा करने और नकारात्मक प्रवृत्तियों को हराने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा, “अगर हम प्रह्लाद, शबरी या अर्जुन की भावना से ईमानदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं तो सकारात्मक शक्तियां मजबूत होंगी और नकारात्मक शक्तियां स्वत: ही हार की ओर बढ़ेंगी।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ‘नया भारत’ उभर रहा है और एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “भारत आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विरासत और विकास के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। हम गर्व महसूस कर सकते हैं कि आजादी के अमृत काल में हमें ऐसा दूरदर्शी मार्गदर्शन मिला है।”
आदित्यनाथ ने होली के अवसर पर राज्य के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि आने वाली पीढ़ियां आने वाले वर्षों तक सद्भाव के त्योहार को उसी उत्साह के साथ मनाती रहेंगी।
बाद में उन्होंने “भगवान नरसिंहजी की शोभा यात्रा” में भाग लिया और होली समारोह में भाग लिया।
Discover more from Star News 24 Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
